झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड में गुरुवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। लोकाय थाना क्षेत्र अंतर्गत करमाटांड गांव के पास, पुल के समीप एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया, जिससे ट्रैक्टर चालक सीधे इंजन के नीचे दब गया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग कुछ पल के लिए सन्न रह गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह ट्रैक्टर बिहार में ईंट खाली करने के बाद झारखंड लौट रहा था। करमाटांड के पास पुल के नजदीक पहुंचते ही अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया। संकरी सड़क और असंतुलित भार के कारण ट्रैक्टर चालक संभाल नहीं पाया और देखते ही देखते ट्रैक्टर पलटकर सड़क किनारे जा गिरा।
हादसे के तुरंत बाद चालक की दर्दभरी आवाजें सुनाई देने लगीं। इंजन के नीचे दबे चालक की हालत बेहद गंभीर थी। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। ट्रैक्टर की स्थिति देखकर सभी घबरा गए, क्योंकि वाहन काफी भारी था और चालक को तुरंत बाहर निकाल पाना संभव नहीं लग रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने बिना देरी किए लोकाय थाना पुलिस को सूचना दी। इसके साथ ही वे चालक को हिम्मत देते रहे और उससे लगातार बातचीत करते रहे, ताकि वह होश में बना रहे और घबराहट में कोई अनहोनी न हो।
सूचना मिलते ही लोकाय थाना की पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने हालात का जायजा लिया और देखा कि ट्रैक्टर इतना भारी है कि साधारण तरीके से चालक को निकालना संभव नहीं है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाने का निर्णय लिया।
जब तक जेसीबी मशीन पहुंची, तब तक ग्रामीण चालक से लगातार बात करते रहे। कोई उसे पानी पिलाने की कोशिश कर रहा था, तो कोई ढांढस बंधा रहा था। ग्रामीणों की यह सूझबूझ बेहद अहम साबित हुई, क्योंकि लंबे समय तक दबे रहने से चालक की हालत और बिगड़ सकती थी।
जेसीबी के पहुंचते ही ट्रैक्टर को सावधानीपूर्वक उठाया गया और काफी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे तत्काल इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
इस हादसे के बाद एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। संकरी सड़कों, पुलों के पास उचित सुरक्षा उपायों की कमी और ओवरलोड वाहनों के कारण इस तरह की दुर्घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर ग्रामीण मदद के लिए नहीं पहुंचते और पुलिस तत्परता नहीं दिखाती, तो चालक की जान जा सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपात स्थिति में पुलिस और आम जनता का तालमेल कितना जरूरी है ।
फिलहाल, चालक की स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। पूरे इलाके में इस हादसे की चर्चा है और लोग राहत की सांस ले रहे हैं कि एक बड़ा हादसा जानलेवा साबित होने से बच गया।