कुआलालंपुर में खेले जा रहे मलेशिया ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट में भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु का शानदार सफर सेमीफाइनल में आकर थम गया। शनिवार को खेले गए महिला एकल सेमीफाइनल मुकाबले में सिंधु को चीन की वांग झियी के खिलाफ 16-21, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही साल के पहले बड़े टूर्नामेंट में खिताब जीतने की उनकी उम्मीदें टूट गईं।
गौरतलब है कि पीवी सिंधु पैर की चोट से उबरने के बाद यह पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रही थीं। लंबे ब्रेक के बाद कोर्ट पर लौटीं सिंधु ने पूरे टूर्नामेंट में जुझारू खेल दिखाया, लेकिन सेमीफाइनल में वह निर्णायक क्षणों में बढ़त बनाए रखने में सफल नहीं हो सकीं।
मुकाबले की शुरुआत में सिंधु ने वांग झियी को कड़ी टक्कर दी और कई शानदार रैलियां खेलीं। पहले गेम में हालांकि चीनी खिलाड़ी ने बेहतर नियंत्रण दिखाते हुए 21-16 से बढ़त बना ली। दूसरे गेम में सिंधु ने जोरदार वापसी करते हुए 11-6 की अहम बढ़त हासिल कर ली थी, जिससे लगने लगा था कि मुकाबला निर्णायक गेम तक जा सकता है। लेकिन इसके बाद वांग झियी ने लगातार अंक बटोरते हुए मैच का रुख पलट दिया और सीधे गेम में मुकाबला अपने नाम कर लिया। हार के बावजूद सिंधु का प्रदर्शन निराशाजनक नहीं कहा जा सकता। चोट के बाद वापसी करते हुए सेमीफाइनल तक पहुंचना उनके आत्मविश्वास और मेहनत को दर्शाता है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले टूर्नामेंटों में सिंधु और भी मजबूत होकर वापसी कर सकती हैं। मलेशिया ओपन से बाहर होने के साथ ही सिंधु का यह अभियान भले ही अधूरा रह गया हो, लेकिन उनके खेल ने यह साफ संकेत दे दिया है कि वह एक बार फिर बड़े मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार हो रही हैं। अब भारतीय फैंस को उम्मीद है कि अगले टूर्नामेंट में पीवी सिंधु एक बार फिर जीत की राह पर लौटेंगी।