पटना: मशहूर भोजपुरी गायक रितेश पांडेय एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया गाना नहीं, बल्कि उनकी एक राजनीतिक मुलाकात है। दिल्ली में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेव से रितेश पांडेय की मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। इस मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या रितेश पांडेय जल्द ही भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं।
हालांकि, इस मुलाकात को लेकर रितेश पांडेय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। न ही उन्होंने बीजेपी में शामिल होने की पुष्टि की है और न ही इन अटकलों को खारिज किया है। लेकिन उनकी इस राजनीतिक सक्रियता ने राजनीतिक हलकों के साथ-साथ उनके प्रशंसकों के बीच भी जिज्ञासा बढ़ा दी है।
बताया जा रहा है कि यह मुलाकात पूरी तरह शिष्टाचार भेंट थी, लेकिन राजनीति में ऐसे संयोग अक्सर बड़े संकेत माने जाते हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक रितेश पांडेय के भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
इस बीच रितेश पांडेय ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी छोड़ने को लेकर अपनी चुप्पी भी तोड़ी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जन सुराज से अलग होना उनका निजी और राजनीतिक फैसला था। रितेश पांडेय ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें प्रशांत किशोर के प्रयासों और जन सुराज के मूल विचारों के प्रति पूरा सम्मान है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में वे खुद को उस अभियान के साथ आगे बढ़ते हुए नहीं देख पा रहे थे, इसलिए उन्होंने अलग होने का निर्णय लिया। हालांकि, उन्होंने अपनी आगे की राजनीतिक योजनाओं को लेकर फिलहाल कोई संकेत नहीं दिया और भविष्य को लेकर सवालों से बचते नजर आए।
कुल मिलाकर, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष से मुलाकात और जन सुराज से अलगाव के बाद रितेश पांडेय का नाम राजनीति में नए सिरे से चर्चा में आ गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह मुलाकात महज एक औपचारिक भेंट साबित होती है या फिर भोजपुरी सिंगर जल्द ही किसी बड़े राजनीतिक फैसले का ऐलान करते हैं।