भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में एक बार फिर अपनी रणनीतिक सोच का परिचय दिया। बुधवार को राजकोट में खेले जा रहे इस अहम मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने नीतीश रेड्डी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का फैसला किया, जबकि युवा बल्लेबाज आयुष बडोनी को फिलहाल सिर्फ टीम के सदस्य के रूप में ही संतोष करना पड़ा।
दरअसल, वडोदरा में खेले गए पहले वनडे मुकाबले के दौरान ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए थे। इसके बाद उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर आयुष बडोनी को टीम इंडिया के स्क्वॉड में शामिल किया गया। जैसे ही बडोनी का नाम टीम में आया, वैसे ही कयासों का दौर शुरू हो गया कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने वनडे करियर का डेब्यू करने का मौका मिल सकता है।
हालांकि, मैच से ठीक पहले टीम प्रबंधन ने अनुभव को प्राथमिकता देते हुए नीतीश रेड्डी पर भरोसा जताया। रेड्डी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव है, जो इस फैसले की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। वह अब तक भारत के लिए दो वनडे मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने कुल 27 रन बनाए हैं। नीतीश रेड्डी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में खेले गए वनडे मुकाबले से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी।
टीम इंडिया का यह कदम यह साफ दर्शाता है कि सीरीज के अहम मुकाबलों में मैनेजमेंट युवा प्रतिभाओं के साथ-साथ अनुभव का संतुलन बनाए रखना चाहता है। वहीं आयुष बडोनी के लिए यह भले ही निराशाजनक क्षण हो, लेकिन उनका टीम में शामिल होना इस बात का संकेत है कि भविष्य में उन्हें भी जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश रेड्डी इस मौके का कितना बेहतर इस्तेमाल करते हैं और टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ इस मुकाबले में किस तरह मजबूती प्रदान करते हैं।