झारखंड इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है। राज्य के अधिकांश जिलों में शीतलहर और सर्द पछुआ हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ गई है और लोग गर्म कपड़ों में भी ठंड से राहत महसूस नहीं कर पा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे तक ठंड का असर इसी तरह बना रह सकता है, हालांकि इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने की संभावना है। आने वाले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
कनकनी और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई परेशानी
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्यभर में ठंड और तेज कनकनी महसूस की गई। अहले सुबह कई इलाकों में हल्का कुहासा छाया रहा, जिससे सड़कों पर आवाजाही भी प्रभावित हुई। लोहरदगा और पाकुड़ को छोड़ दें तो लगभग सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। करीब 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी पछुआ हवाओं ने ठंड का असर और बढ़ा दिया, जिससे खुले में निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो गया।
गुमला रहा सबसे ठंडा, रांची में भी ठंड बरकरार
बीते 24 घंटे में गुमला राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर मात्र 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं राजधानी रांची में तापमान में करीब एक डिग्री की मामूली बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन ठंड से राहत नहीं मिली है। रांची में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन बनी हुई है।
अभी सतर्क रहने की सलाह
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को फिलहाल ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि मौसम में संभावित बदलाव की खबर से लोगों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन तब तक ठंड से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।