राजधानी पटना में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात अपराधी नीतीश यादव को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मनेर थाना क्षेत्र के रतन टोला इलाके में गुरुवार देर रात हुई इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी फायरिंग में नीतीश के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत काबू में लेकर गिरफ्तार किया और इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
STF को देखते ही शुरू की फायरिंग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नीतीश यादव पिछले एक सप्ताह से फरार चल रहा था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। गुरुवार रात पुलिस और STF को पुख्ता सूचना मिली कि वह रतन टोला इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद मनेर थाना पुलिस और STF की टीम ने बिना सायरन बजाए इलाके को चारों ओर से घेर लिया। रात करीब 11 बजे जैसे ही पुलिस टीम आगे बढ़ी, खुद को घिरा देख नीतीश यादव ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें नीतीश घायल हो गया और भागने की कोशिश नाकाम हो गई।
स्वर्ण कारोबारी पर फायरिंग का मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक, नीतीश यादव 9 जनवरी को मनेर थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज वारदात का मुख्य आरोपी है। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर रसूलपुर गांव निवासी स्वर्ण कारोबारी संजय सोनी से लूटपाट की कोशिश की थी। संजय सोनी अपनी ज्वेलरी दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी कटहरा मोहल्ले में बदमाशों ने उन्हें पिस्टल दिखाकर रोका। लूट का विरोध करने पर नीतीश ने उन पर गोली चला दी, जो कारोबारी के कंधे में जा लगी। हालांकि साहस दिखाते हुए संजय सोनी ने विरोध किया, जिसके चलते बदमाश लूट में सफल नहीं हो सके और मौके से फरार हो गए थे।
इलाके में दहशत, पुलिस को बड़ी सफलता
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल था और पुलिस पर अपराधियों को जल्द पकड़ने का दबाव था। नीतीश यादव की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि उससे पूछताछ के बाद उसके अन्य आपराधिक मामलों और साथियों के बारे में भी अहम जानकारियां मिल सकती हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।