भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (एक्स/ट्विटर) पर राज्य में हो रही अपहरण की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि जमशेदपुर से एक युवा उद्यमी के अपहरण को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। इस घटना ने न सिर्फ व्यवसायिक जगत को चिंता में डाल दिया है, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
उन्होंने आगे रांची के ओरमांझी इलाके के 12 वर्षीय कन्हैया का मामला उठाया, जो पिछले दो महीनों से लापता है। बाबूलाल मरांडी के अनुसार, इतने लंबे समय बाद भी बच्चे का कोई सुराग न मिलना बेहद चिंताजनक है और यह दर्शाता है कि राज्य में आम लोगों की सुरक्षा किस हद तक खतरे में है।
मरांडी ने कहा कि झारखंड में अपराध का स्वरूप बेहद खतरनाक होता जा रहा है। गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों का अपहरण मानव तस्करी के लिए किया जा रहा है, जबकि संपन्न और कारोबारी वर्ग को फिरौती के लिए निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें कानून का कोई डर नहीं रह गया है।
उन्होंने राज्य सरकार से अपहरण के मामलों को गंभीरता से लेने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने पुलिस प्रशासन को और अधिक सक्रिय एवं जवाबदेह बनाने पर जोर दिया, ताकि आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि जल्द ही कानून-व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया, तो राज्य में हालात और भी बिगड़ सकते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह राजनीति से ऊपर उठकर जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दे और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।