जिले के पालकोट प्रखंड में सोमा मुंडा हत्याकांड को लेकर माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब इस मामले में लाल देवब्रत नाथ शाहदेव की गिरफ्तारी के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रतिवाद मार्च निकाला गया। इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए, जिन्होंने सड़कों पर उतरकर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए।
प्रतिवाद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है और निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि मामले की गहराई से और पारदर्शी जांच की जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और असली दोषियों को सजा मिले पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की भूमिका को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि गिरफ्तारी जल्दबाजी में की गई है। उनका आरोप था कि बिना ठोस सबूतों के कार्रवाई करना न सिर्फ न्याय के खिलाफ है, बल्कि इससे सामाजिक तनाव भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।शांति बनाए रखने की अपील
प्रतिवाद मार्च के दौरान प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी। पुलिस बल को तैनात किया गया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। वहीं, प्रदर्शनकारियों से भी शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की गई।
न्याय की मांग पर एकजुट ग्रामीण
इस विरोध प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि सोमा मुंडा हत्याकांड को लेकर इलाके में गहरा असंतोष है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे और जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक आवाज उठाते रहेंगे। प्रतिवाद मार्च शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इसमें उठी आवाज़ों ने प्रशासन के सामने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।