बारामती दौरे के दौरान एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने पार्टी के भविष्य और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर स्पष्ट रुख अपनाया। मीडिया द्वारा जब उनसे यह सवाल किया गया कि अगर एनसीपी के दोनों गुटों के बीच विलय होता है, तो क्या वह एनडीए का हिस्सा बनने पर विचार करेंगे, तो पवार ने इन कयासों को सिरे से खारिज कर दिया।
शरद पवार ने बेहद शांत और स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की चर्चाएं केवल मीडिया तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फिलहाल पार्टी के भीतर या बाहर किसी भी तरह के विलय या राजनीतिक गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं चल रही है।
उनके इस बयान को सियासी गलियारों में चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित एकीकरण और उसके बाद सत्ता समीकरण बदलने की चर्चाएं लगातार सुर्खियों में थीं। ऐसे में पवार का यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
बारामती में दिए गए इस बयान के जरिए शरद पवार ने यह संकेत भी दिया कि पार्टी अपनी मौजूदा राजनीतिक दिशा पर ही आगे बढ़ रही है और अफवाहों या अटकलों के आधार पर कोई फैसला नहीं लिया जा रहा। उन्होंने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि एनसीपी की रणनीति और भविष्य को लेकर निर्णय पार्टी के भीतर विचार-विमर्श के बाद ही होंगे, न कि मीडिया में चल रही चर्चाओं के आधार पर।