महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार का दिन इतिहास के पन्नों में एक भावुक और यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता, पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। उनके जाने से न केवल राजनीति को गहरा आघात लगा, बल्कि एक परिवार ने अपना मजबूत स्तंभ खो दिया। इसी दुख और शोक के माहौल के बीच राजनीति ने एक नया मोड़ लिया, जब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह बेहद सादा लेकिन गरिमामय रहा। कोई भव्य मंच, नारेबाजी या राजनीतिक दिखावा नहीं—बस गंभीरता, सम्मान और जिम्मेदारी का भाव साफ झलक रहा था। राज्यपाल ने सुनेत्रा पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान उपस्थित नेताओं, अधिकारियों और परिवारजनों की आंखों में भावनाएं साफ नजर आ रही थीं।
सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और भरोसे की कहानी है। अपने जीवनसाथी को खोने के गहरे दुख के बावजूद उन्होंने राज्य और पार्टी की जिम्मेदारी संभालने का फैसला किया। राजनीतिक गलियारों में इसे अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है, वहीं आम जनता इसे महिला नेतृत्व के एक मजबूत प्रतीक के तौर पर देख रही है।
शपथ लेने के बाद सुनेत्रा पवार ने संक्षिप्त बयान में कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि वह अजित पवार के सपनों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करेंगी और महाराष्ट्र के विकास के लिए ईमानदारी से काम करेंगी।
इस ऐतिहासिक क्षण के साथ महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है—जहां शोक, संकल्प और सेवा भाव एक साथ नजर आते हैं। सुनेत्रा पवार का यह सफर न सिर्फ सत्ता का, बल्कि आत्मबल और कर्तव्य का प्रतीक बनकर उभरा है।