रांची स्थित आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी में ‘भारत की विदेश नीति और वैश्विक भूमिका’ विषय पर आयोजित एक विशेष संवाद सत्र ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के प्रति युवाओं में एक नई समझ विकसित की। इस महत्वपूर्ण टॉक शो में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने वैश्विक पटल पर भारत के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया। कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस चटर्जी द्वारा मुख्य अतिथि के सम्मान के साथ हुई, जिसके बाद कांके टॉक के होस्ट अमित मोदी ने अपनी कुशल मेजबानी से चर्चा को बेहद रोचक और ज्ञानवर्धक बनाया। संवाद के दौरान मध्य-पूर्व के संकट, होरमुज जलडमरूमध्य की संवेदनशीलता और ऊर्जा सुरक्षा जैसे जटिल विषयों पर गहन मंथन हुआ, जहाँ विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट किया कि वैश्विक तनावों के बीच भारत किस प्रकार एक संतुलित और प्रभावी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है।
चर्चा का एक बड़ा केंद्र भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ यानी ‘पड़ोस पहले’ की नीति रही, जिसमें श्रीलंका के साथ समुद्री कूटनीति, बांग्लादेश के बदलते राजनीतिक परिदृश्य और नेपाल के साथ संबंधों की चुनौतियों पर विस्तार से बात की गई। सत्र में इस बात पर भी विशेष विमर्श हुआ कि चीन के बढ़ते प्रभाव के बावजूद भारत दक्षिण एशिया में एक ‘फर्स्ट रेस्पोंडर’ के रूप में अपनी साख मजबूत कर रहा है। महेश पोद्दार ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि आज की विदेश नीति दूरदर्शी और पूरी तरह राष्ट्रीय हितों के प्रति समर्पित है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं और विशेषज्ञों के सरल व तार्किक उत्तरों से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की बारीकियों को समझा, जिससे यह आयोजन छात्रों के बौद्धिक विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ।