आय से अधिक संपत्ति के एक चर्चित मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के रियल एस्टेट कारोबारी सरदार सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। ACB ने उन्हें रांची से हिरासत में लिया। यह गिरफ्तारी विनय चौबे और विनय सिंह के खिलाफ चल रही आय से अधिक संपत्ति की जांच से सीधे तौर पर जुड़ी हुई बताई जा रही है।
ACB अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार को सुरेंद्र सिंह को पूछताछ के लिए ACB मुख्यालय बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और पूछे गए सवालों के संतोषजनक जवाब भी नहीं दे पा रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि लगातार टालमटोल और असंतोषजनक जवाबों के बाद ACB ने उन्हें गिरफ्तार करने का फैसला लिया।
जांच में सामने आया है कि विनय चौबे के साले की पत्नी प्रियंका त्रिवेदी के नाम पर खरीदे गए एक फ्लैट की खरीद-बिक्री में सुरेंद्र सिंह की अहम भूमिका रही है। वर्ष 2017 में सुरेंद्र सिंह ने पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर प्रियंका त्रिवेदी को यह फ्लैट करीब 43 लाख रुपये में बेचा था। ACB को संदेह है कि इस फ्लैट की खरीद में विनय चौबे का अवैध धन इस्तेमाल किया गया और उसे रिश्तेदार के नाम पर निवेश कर संपत्ति को वैध रूप देने की कोशिश की गई।
सूत्रों के मुताबिक, जनवरी 2026 की शुरुआत में ACB ने सुरेंद्र सिंह को रांची बुलाकर इस फ्लैट से जुड़े तमाम दस्तावेजों की गहन जांच की थी। इस दौरान फ्लैट की खरीद में प्रयुक्त धनराशि के स्रोत को लेकर भी उनसे सवाल किए गए थे, लेकिन उनके जवाब जांच एजेंसी को संतोषजनक नहीं लगे। इसी आधार पर ACB को लेनदेन में गड़बड़ी और काले धन के इस्तेमाल का शक और गहरा हो गया।
इस मामले में ACB पहले ही रांची के कारोबारी श्रवण जालान और ज्योतिषाचार्य एन.के. बेरा से भी पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आय से अधिक संपत्ति को किन-किन लोगों के नाम पर और किन माध्यमों से निवेश किया गया। ACB का मानना है कि यह नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और इसमें कई अहम नाम सामने आ सकते हैं।
फिलहाल ACB पूरे मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई के बाद भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति से जुड़े मामलों में ACB की सक्रियता एक बार फिर चर्चा में आ गई है।