बिहार सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने की तैयारी में है। अनुमान है कि इस बार राज्य का बजट 3.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का होगा, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 के 3.17 लाख करोड़ रुपये के बजट की तुलना में करीब 11 प्रतिशत ज्यादा है। यानी बजट आकार में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की संभावना है। इससे पहले 2024-25 की तुलना में 2025-26 के बजट में 38 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि की गई थी, जिससे यह साफ है कि सरकार लगातार विकास योजनाओं पर खर्च बढ़ा रही है।
बिहार विधानसभा का बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी तक चलेगा। इसी दौरान 3 फरवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार विधानसभा में बजट पेश करेगी। बजट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में बजट-पूर्व बैठकों का आयोजन किया गया, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और हितधारकों से सुझाव लिए गए। वित्त विभाग के अनुसार, 26 जनवरी तक बजट का अंतिम खाका तैयार कर लिया जाएगा।
इस बार के बजट की सबसे बड़ी खासियत रोजगार सृजन पर विशेष जोर होगा। सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए युवा रोजगार एवं कौशल विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और नागर विमानन विभाग जैसे नए विभागों का गठन किया गया है। इन विभागों के जरिए युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर और रोजगार के नए रास्ते खोलने की योजना है।
वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, रोजगार को बढ़ावा देने के लिए इस बार बजट में गैर-योजना मद (नॉन-प्लान एक्सपेंडिचर) के तहत अधिक राशि का प्रावधान किया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि नई नियुक्तियों, कर्मचारियों के वेतन, प्रशासनिक सेवाओं और मौजूदा ढांचे के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकता है। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक क्षमता मजबूत होगी और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ को बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इस योजना से जुड़े विभागों के लिए पहले बजट आवंटन किया जाएगा, उसके बाद अन्य योजनाओं और परियोजनाओं के लिए राशि निर्धारित होगी। सरकार का फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, महिला सशक्तिकरण और युवा रोजगार जैसे क्षेत्रों पर रहेगा।
बजट में राज्य के हवाई अड्डों के विकास पर भी खास ध्यान दिए जाने की संभावना है। नागर विमानन विभाग के माध्यम से हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने, नए हवाई अड्डों और मौजूदा एयरपोर्ट के विस्तार की योजनाओं को गति मिलेगी। इससे न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार का आगामी बजट विकास और रोजगार को केंद्र में रखकर तैयार किया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि यह बजट राज्य के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा देगा और बिहार को प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।