भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन के नाम का औपचारिक ऐलान कर दिया। पार्टी मुख्यालय में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान उनके नाम की घोषणा की गई, जिसके साथ ही भाजपा को नया शीर्ष नेतृत्व मिल गया। गौरतलब है कि नितिन नबीन को इससे पहले 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए उनका एकमात्र नामांकन दाखिल हुआ, जिसके बाद वे निर्विरोध इस अहम पद पर चुने गए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। पीएम मोदी ने नितिन नबीन को माला पहनाकर शुभकामनाएं दीं और लगभग 55 मिनट तक पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भाजपा की संगठनात्मक संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि यह ऐसी पार्टी है, जहां सत्ता से ज्यादा महत्व कार्यकर्ता होने का है।
पीएम मोदी ने कहा, “भाजपा में पद से बड़ा समर्पण होता है। मैं स्वयं को एक कार्यकर्ता मानता हूं और मानता हूं कि अब नितिनजी मेरे बॉस हैं। वे मेरे काम का आकलन करेंगे।” उनके इस वक्तव्य पर सभागार तालियों से गूंज उठा और पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
### नितिन नबीन का भावनात्मक पहला भाषण
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने लगभग 20 मिनट का अपना पहला भाषण दिया, जिसमें उन्होंने संगठन, विचारधारा और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल सत्ता हासिल करने की पार्टी नहीं है, बल्कि यह विचार, सेवा और राष्ट्रनिर्माण की साधना है।
नितिन नबीन ने कहा, “भाजपा में राजनीति भोग नहीं, त्याग है। यह ऐशो-आराम का रास्ता नहीं, बल्कि तपस्या का मार्ग है। राजनीति हमारे लिए पद या प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व है।”
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनका निर्वाचन एक साधारण कार्यकर्ता की असाधारण यात्रा का सम्मान है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे संगठन को और मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की आवाज को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक ले जाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।
नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा के भविष्य को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नई ऊर्जा और उम्मीद दिखाई दे रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनके नेतृत्व में भाजपा किस दिशा में आगे बढ़ती है और संगठन को किस तरह नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाता है।