मधुपुर में दलित समाज के लोगों पर हुए कथित हमले के मामले को भारतीय जनता पार्टी ने गंभीरता से लिया है। घटना को लेकर बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक तनाव के बीच भाजपा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू के निर्देश पर बनाई गई है।
समिति में अनुभवी और प्रतिनिधि चेहरों को शामिल किया गया
जांच समिति में पार्टी के अनुभवी नेताओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों को शामिल किया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष, संतुलित और तथ्यपरक हो सके। समिति में शामिल सदस्य हैं—
विधायक नीरा यादव
देवेंद्र कुंवर
मंजू कुमारी
पूर्व विधायक नारायण दास
दिलीप वर्मा
सुनील पासवान
भाजपा का कहना है कि इन सभी सदस्यों का सामाजिक और राजनीतिक अनुभव जांच प्रक्रिया को व्यापक और विश्वसनीय बनाएगा।
शुक्रवार को मधुपुर पहुंचेगी जांच टीम
भाजपा की यह उच्चस्तरीय समिति शुक्रवार दोपहर 3 बजे मधुपुर पहुंचेगी। मौके पर पहुंचकर समिति कई अहम बिंदुओं पर जांच करेगी। इसमें—
घटनास्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण
पीड़ित परिवारों से मुलाकात और उनकी बात सुनना
स्थानीय लोगों और चश्मदीदों से जानकारी जुटाना
पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले का विस्तृत ब्योरा लेना
जैसे कदम शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, समिति हर पहलू की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाने का प्रयास करेगी।
प्रदेश नेतृत्व को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
मधुपुर दौरे और जांच पूरी होने के बाद समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति तय की जाएगी।
भाजपा ने स्पष्ट किया है कि दलित समाज के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय या हिंसा स्वीकार्य नहीं है और यदि मामले में दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। यह जांच समिति न सिर्फ सच्चाई उजागर करेगी, बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।