ईरान में उबाल: 20 प्रांतों में विद्रोह की आग, खामेनेई के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता, 110 से ज्यादा शहरों में हिंसक प्रदर्शन

ईरान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर नजर आ रहा है। महंगाई, आर्थिक बदहाली और सरकार की नीतियों से त्रस्त जनता 20 से ज्यादा प्रांतों में विद्रोह के मूड में है। बीते 14 दिनों से जारी यह आंदोलन अब शांतिपूर्ण विरोध की सीमाएं लांघते हुए हिंसक रूप ले चुका है, जिससे ईरान की सत्ता और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। , इस आंदोलन की चिंगारी 29 दिसंबर 2025 को तब भड़की, जब ईरानी रियाल की कीमत में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई। मुद्रा के कमजोर होने से व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ, जिसके विरोध में तेहरान के बाजारों में दुकानदारों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह आक्रोश राजधानी की सड़कों तक फैल गया। व्यापारियों के आंदोलन को जल्द ही तेहरान यूनिवर्सिटी के छात्रों का समर्थन मिल गया। छात्रों ने इसे सिर्फ आर्थिक संकट तक सीमित न रखते हुए राजनीतिक असंतोष से भी जोड़ दिया। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए। खबरों के मुताबिक, अब यह विरोध प्रदर्शन 110 से अधिक शहरों में फैल चुका है, जहां बड़ी संख्या में लोग सरकार और सर्वोच्च नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें भी सामने आई हैं। आगजनी, तोड़फोड़ और गिरफ्तारियों की खबरें लगातार आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि ईरान में जनता का गुस्सा अपने चरम पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक संकट, बेरोजगारी और राजनीतिक असंतोष ने मिलकर हालात को विस्फोटक बना दिया है। अगर यह आंदोलन इसी तरह फैलता रहा, तो ईरान के लिए आने वाले दिन और भी मुश्किल साबित हो सकते हैं। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ईरान पर टिकी हैं कि वहां की सरकार इस उभरते संकट से कैसे निपटती है।