जमशेदपुर में पिछले तीन दिनों से लापता उद्यमी परिवार के युवक कैरव गांधी का मामला अब लगातार गंभीर होता जा रहा है। कैरव गांधी, आदित्यपुर लघु उद्योग संघ (एसिया) के उपाध्यक्ष और जाने-माने उद्योगपति देवांग गांधी के पुत्र हैं। उनके अचानक लापता होने से न सिर्फ परिवार बल्कि औद्योगिक जगत और आम लोगों में भी गहरी चिंता और बेचैनी का माहौल है।
परिजनों से मिले रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ
शुक्रवार को इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रक्षा राज्य मंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ बिष्टुपुर स्थित देवांग गांधी के आवास पहुंचे। यहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और परिवार को ढांढस बंधाया। बातचीत के दौरान संजय सेठ ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और कैरव गांधी की सुरक्षित बरामदगी के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि युवक को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
झारखंड की कानून-व्यवस्था पर कड़ा हमला
परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संजय सेठ ने झारखंड की कानून-व्यवस्था पर तीखा सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। ऐसी घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि आज कारोबारी, उद्योगपति ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
संजय सेठ ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार निवेश को बढ़ावा देने और उद्योगों के विकास की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रतिष्ठित कारोबारी परिवारों के बच्चे तक सुरक्षित नहीं हैं। इससे राज्य की छवि को गहरा नुकसान पहुंच रहा है और निवेशकों में भी डर का माहौल बन रहा है।
पुलिस-प्रशासन को सख्त निर्देश
रक्षा राज्य मंत्री ने जिला पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कैरव गांधी को जल्द से जल्द खोजकर सकुशल बरामद किया जाए। उन्होंने कहा कि अपहरण जैसे गंभीर मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आधुनिक तकनीक, साइबर निगरानी और अतिरिक्त संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए, लेकिन परिणाम जल्द सामने आने चाहिए।
फिलहाल पूरे शहर की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। उद्योग जगत से लेकर आम नागरिक तक सभी कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं और प्रशासन से त्वरित व प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।