राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन CPI (माओवादी) के खिलाफ एक बड़ी और अहम सफलता हासिल करते हुए मगध जोन में संगठन को फिर से सक्रिय करने की साजिश का खुलासा किया है। इस मामले में एनआईए ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी चंदन कुमार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। एजेंसी की इस कार्रवाई को माओवादी नेटवर्क पर करारा प्रहार माना जा रहा है।
एनआईए के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी चंदन कुमार बिहार के जहानाबाद जिले का निवासी है और CPI (माओवादी) संगठन का सक्रिय सदस्य रहा है। जांच में यह बात सामने आई है कि वह माओवादी संगठन के लिए धन जुटाने में शामिल था और पुराने निष्क्रिय या बिखरे हुए माओवादी कैडरों को दोबारा संगठित करने की दिशा में काम कर रहा था। उसका मकसद मगध जोन में माओवादियों की कमजोर पड़ चुकी पकड़ को फिर से मजबूत करना और आतंकी गतिविधियों को नए सिरे से अंजाम देना था।
एजेंसी का कहना है कि चंदन कुमार भूमिगत रहकर संगठन के लिए नेटवर्क तैयार कर रहा था और विभिन्न माध्यमों से फंड इकट्ठा करने की कोशिश में लगा हुआ था। वह सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचते हुए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था, ताकि गिरफ्तारी से बचा रह सके।
इससे पहले रांची स्थित विशेष एनआईए अदालत ने चंदन कुमार को फरार आरोपी घोषित कर दिया था। अदालत ने अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बावजूद वह लंबे समय तक सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देता रहा और अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रहा था।
एनआईए ने खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर आखिरकार उसकी लोकेशन ट्रेस की और मुंबई में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अब उससे गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि माओवादी संगठन के अन्य नेटवर्क, फंडिंग के स्रोत और संभावित साजिशों का भी खुलासा किया जा सके।
एनआईए की इस कार्रवाई से मगध जोन में माओवादी गतिविधियों को दोबारा पनपाने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।