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धनबाद के प्रधान डाकघर में वाउचर पर फर्जी हस्ताक्षर कर रुपए निकालने का हुआ खुलासा

धनबाद के प्रधान डाकघर में वाउचर पर फर्जी हस्ताक्षर कर रुपए निकालने का खुलासा हुआ है। आरोप सहायक डाक कर्मचारी आशुतोष दुबे पर लगा है। कहा जा रहा है कि दुबे वरीय डाकपाल के खास हैं। इसकी शिकायत डिप्टी पोस्ट मास्टर ने वरिष्ठ डाक अधीक्षक एवं वरीय डाक पाल से की है।

डिप्टी पोस्ट मास्टर बलवंत सिंह ने शिकायत में कहा है कि ट्रेजरी के वाउचर की जांच करने पर पाया गया कि पांच ऐसे वाउचर हैं, जिस पर मैंने हस्ताक्षर नहीं किया है। उस वाउचर पर मेरे नाम से हस्ताक्षर कर विभाग के कोष से रुपए निकाले गए हैं। जब इसकी जानकारी ली तो पता चला कि यह कारनामा आशुतोष दुबे कर रहे हैं। ट्रेजरी में बैठे चंद्रशेखर प्रसाद भी इसे नजरअंदाज कर वाउचर से रुपए भुगतान करते आ रहे हैं। पूछने पर दोनों ने चुप्पी साध ली है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह सब वरीय डाकपाल बीपी श्रीवास्तव के इशारे पर आशुतोष दुबे कर रहे हैं। कंटिजेंट फंड से हर दिन 10-15 वाउचर पांच सौ रुपए एवं उससे कम राशि की बना कर ट्रेजरी से रुपए निकाले जा रहे हैं। इस कारनामे में वरीय डाकपाल ने खुद हस्ताक्षर नहीं कर दूसरे कर्मचारियों पर यह सब काम थोप दिया है जबकि विभाग के इंचार्ज वे खुद हैं। पैसे से संबंधित खर्च में उनका हस्ताक्षर होना चाहिए। अगर किसी तरह की जांच हो तो दूसरे कर्मचारी इसमें फंस सकते है। विभाग में चर्चा है कि जिस नाम के लिए वाउचर बना कर ट्रेजरी से पैसे निकाले जा रहे हैं, उस सामग्री की खरीदारी नहीं होकर राशि सीधे हड़प ली जा रही है।

मामले में भारतीय डाक कर्मचारी ग्रुप सी के प्रदेश महामंत्री प्रभात रंजन ने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मामला है और कुछ नहीं है। जिन्होंने आरोप लगाया है, वह दूसरी यूनियन से जुड़े हैं।

वहीं दूसरी यूनियन अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के पुरंजय कुमार ने कहा कि विभाग में हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया। इसकी जांच की जानी चाहिए। दोषी कर्मचारी पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। हर दिन दर्जनों वाउचर बनाकर ट्रेजरी से राशि निकाली जा रही है। किस मद में यह राशि निकाली जा रही है, किसी को पता नहीं है।

जांच करायी जाएगी: वरीय डाकपाल

वाउचर पर गलत तरीके से हस्ताक्षर कर रुपए विभाग के कोष निकाले गए हैं तो इसकी जांच की जाएगी। जिस कर्मचारी पर आरोप लगाया जा रहा है, उसकी भी जांच होगी। ट्रेजरी में बैठे कर्मचारी ने कैसे नकद भुगतान कर दिया, शक के घेरे में वह भी है। आशंका है कि उन्होंने पैसे खुद निकाले हैं और आरोप दूसरे पर मढ़ दिया है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनपर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत मिली है। जांच के लिए वरीय डाकपाल को आदेश दिया गया है। गलत जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी तो विभाग अपने तरीके से जांच करेगा। हस्ताक्षर की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। आरोप सही पाए जाने पर उक्त कर्मचारी पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

एसके तिवारी, वरिष्ठ डाक अधीक्षक

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