छात्राओं को ऑनलाइन परेशान करने वाला निकला आईआईटी छात्र

छात्राओं को ऑनलाइन परेशान करने वाला निकला आईआईटी छात्र

दिल्ली पुलिस ने एक छात्र को गिरफ्तार किया है जो पिछले कई महीनों से नामी स्कूल की छात्राओं को परेशान कर रहा था.आरोपी प्रतिष्ठित आईआईटी खड़गपुर का छात्र है और वह लड़कियों को ऑनलाइन परेशान करने के लिए उच्च तकनीक का इस्तेमाल करता था. दिल्ली के उत्तरी जिले की साइबर सेल ने साइबर स्टॉकिंग (पीछा) के आरोप में बिहार के पटना के रहने वाले 19 साल के महावीर नाम के छात्र को गिरफ्तार किया है. छात्र पर आरोप है कि वह दिल्ली के एक नामी स्कूल की 50 से अधिक छात्राओं और महिला शिक्षकों को ऑनलाइन परेशान कर रहा था. आरोपी छात्र नाबालिग छात्राओं के फर्जी इंस्टाग्राम खाते बनाकर उनके दोस्तों से संपर्क करता और उन्हें ब्लैकमेल करता. वह लड़कियां की फर्जी अश्लील तस्वीरें भेजकर उन्हें ब्लैकमेल करता था.

यही नहीं उसने तकनीक का इस्तेमाल छात्रों की ऑनलाइन क्लास में भी शामिल होने के लिए किया. उत्तरी जिले के डीसीपी सागर सिंह कल्सी के मुताबिक दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके के स्कूल प्रशासन ने पुलिस से शिकायत की थी. शिकायत में कहा गया था कई छात्राओं की तस्वीरें के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें सोशल मीडिया पर डाला गया है. पुलिस ने अपनी जांच के दौरान पीड़ित छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों से बातचीत की. पुलिस को पता चला कि आरोपी छात्राओं से संपर्क करने के लिए वर्चुअल वॉट्सऐप नंबर, फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल और फर्जी कॉलर आईडी का इस्तेमाल आरोपी कर रहा था.

पूछताछ के दौरान आरोपी छात्र ने बताया कि वह प्लेस्टोर में मौजूद हाईटेक ऐप्स की मदद से इस तरह अपराध को अंजाम देता था. आरोपी अपनी आवाज को बदलने के लिए भी वॉयस चेंजिंग ऐप का इस्तेमाल करता था ताकि वह पकड़ में ना आ पाए. पुलिस ने उसके पास से मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया है, जिसके जरिए वह छात्राओं को परेशान और ब्लैकमेल करता था. आरोपी छात्र महावीर आईआईटी खड़गपुर में बीटेक सेकंड ईयर का छात्र है. पुलिस के मुताबिक आरोपी इतना शातिर है कि वह लड़कियों को ऐप की मदद से जब फोन करता तो उन्हें उनके मोबाइल पर अपना ही नंबर दिखता. पिछले तीन साल से आरोपी इसी तरह से छात्राओं को परेशान कर रहा था.

सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 354-डी (पीछा करना) के तहत मामला दर्ज किया गया था और जिले की साइबर सेल इकाई को तकनीकी सहायता के लिए लगाया गया था. बाद में मामले में पोक्सो अधिनियम और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं को जोड़ा गया था. डीसीपी के मुताबिक, “हमारी टीम ने सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए वाट्सऐप, इंस्टाग्राम और फर्जी ईमेल आईडी के आईपी लॉग के विवरण का विश्लेषण किया और आरोपी की पहचान महावीर के रूप में की. उसके बाद उसे बिहार के पटना में खोजा गया, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया” पुलिस ने बताया है कि आरोपी के मोबाइल फोन में कई अश्लील वीडियो और तस्वीरें भी मिली हैं..

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