औद्योगिक शहर जमशेदपुर की हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा झटका लग सकता है। यहां से कोलकाता और भुवनेश्वर के लिए संचालित IndiaOne Air की उड़ानें जल्द बंद हो सकती हैं। एयरलाइन की ओर से अपने कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक ईमेल में यह संकेत दिया गया है कि यदि केंद्र सरकार की RCS (रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम – उड़ान योजना) का समय पर विस्तार नहीं किया गया, तो इन दोनों रूट्स पर उड़ानों का संचालन रोकना पड़ेगा। कंपनी के अनुसार, 31 जनवरी के बाद जमशेदपुर–कोलकाता और 28 फरवरी के बाद जमशेदपुर–भुवनेश्वर. की उड़ानें बंद हो सकती हैं। इस खबर के सामने आते ही शहर के उद्योग जगत, यात्रियों और प्रशासनिक हलकों में चिंता बढ़ गई है। RCS योजना खत्म होने से बढ़ी मुश्किलें IndiaOne Air ने स्पष्ट किया है कि RCS योजना की वैधता समाप्त होने के साथ ही इन रूट्स पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी भी खत्म हो जाएगी। यही सब्सिडी छोटे शहरों से हवाई सेवा को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाए रखती है। इसके बिना यात्रियों की संख्या और परिचालन लागत के संतुलन को बनाए रखना एयरलाइन के लिए मुश्किल हो जाएगा। टाटा स्टील की रियायतें भी होंगी समाप्त कंपनी ने यह भी बताया कि RCS योजना के खत्म होते ही सोनारी एयरपोर्ट पर टाटा स्टील द्वारा दी जा रही आर्थिक और परिचालन रियायतें भी समाप्त हो जाएंगी। अब तक टाटा स्टील की ओर से रनवे उपयोग में छूट ग्राउंड हैंडलिंग सपोर्ट अन्य लॉजिस्टिक सुविधाएं जैसी रियायतें दी जा रही थीं, जिनके सहारे इन उड़ानों का संचालन संभव हो पा रहा था। इन सुविधाओं के बिना उड़ानों का संचालन घाटे का सौदा बन जाएगा। छोटे शहरों की हवाई सेवा पर बड़ा सवाल विशेषज्ञों का मानना है कि RCS सब्सिडी और स्थानीय सहयोग के बिना छोटे शहरों से नियमित हवाई सेवा चलाना किसी भी एयरलाइन के लिए चुनौतीपूर्ण है। जमशेदपुर जैसे शहर में यात्रियों की संख्या सीमित होने के कारण परिचालन लागत की भरपाई करना मुश्किल हो जाता है। सिर्फ उड़ानें नहीं, शहर की रफ्तार पर असर जमशेदपुर से हवाई सेवाओं का बंद होना केवल यात्रियों की असुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर व्यापार और निवेश औद्योगिक कनेक्टिविटी आपात चिकित्सा सेवाओं शैक्षणिक और प्रशासनिक आवागमन पर भी पड़ेगा। उद्योगों के शहर जमशेदपुर के लिए हवाई संपर्क उसकी आर्थिक और रणनीतिक जरूरत बन चुका है। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं कि वह RCS योजना का विस्तार करती है या नहीं। यदि समय रहते फैसला नहीं हुआ, तो जमशेदपुर की हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा झटका लग सकता है और शहर एक बार फिर हवाई मानचित्र से लगभग कट सकता है।यह सिर्फ उड़ानों का सवाल नहीं, बल्कि जमशेदपुर के भविष्य, विकास और राष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जुड़ा अहम मुद्दा है।