झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन गुरुवार को स्विट्ज़रलैंड के सबसे बड़े और प्रमुख शहर ज्यूरिख पहुंच गए। ज्यूरिख एयरपोर्ट पर भारत के राजदूत मृदुल कुमार ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा वैश्विक स्तर पर झारखंड की संभावनाओं और विकास मॉडल को प्रस्तुत करने के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 19 से 21 जनवरी तक दावोस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में हिस्सा लेंगे। इस मंच पर दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, उद्योगपति, नीति-निर्माता और वैश्विक संस्थाओं के प्रतिनिधि एक साथ जुटते हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, तकनीक और सतत विकास जैसे मुद्दों पर मंथन करते हैं।
स्विट्ज़रलैंड पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि भारतीय राजदूत मृदुल कुमार से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि वह वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखंड और भारत का प्रतिनिधित्व करने को लेकर उत्साहित हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह भी स्पष्ट किया कि WEF में उनकी प्राथमिकता प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर विकास , समावेशी आर्थिक प्रगति , और स्थायी विकास मॉडल पर केंद्रित रहेगी। उन्होंने संकेत दिए कि झारखंड की प्राकृतिक संपदाओं, निवेश की संभावनाओं, उद्योगों और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखा जाएगा।
दावोस में मुख्यमंत्री की भागीदारी से झारखंड को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे राज्य में औद्योगिक विकास, हरित ऊर्जा, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद की जा रही है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह दौरा न केवल झारखंड बल्कि पूरे भारत के लिए वैश्विक मंच पर सकारात्मक संदेश देने वाला माना जा रहा है, जहां विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन को केंद्र में रखा जाएगा।