‘‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों एवं सिद्धांतों की प्रासंगिकता’’ के विषय पर विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया

‘‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों एवं सिद्धांतों की प्रासंगिकता’’ के विषय पर विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर ‘‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों एवं सिद्धांतों की प्रासंगिकता’’ के विषय पर विचार संगोष्ठी का आयोजन पुराने विधानसभा सभागार, धुर्वा, रांची में किया गया।

संगोष्ठी कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री राजेश ठाकुर एवं संचालन संजय लाल पासवान ने किया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव तारिक अनवर साहब ने कहा कि महात्मा गांधी व्यक्ति नहीं विचारधारा का नाम है आज़ादी का हरिक जयंती मनाया जा रहा है उसी के तहत आज मैं इस विचारगोष्ठी में शामिल होने के लिए मैं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ गांधी जी का सम्मान सिर्फ भारतीय नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लोग करते हैं संयुक्त राष्ट्र ने गांधी जी की जयंती को शांति का अहिंसा का दिन मुकर्रर किया है और उसे मनाने का निर्णय लिया है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र ने ये महसूस किया कि आज दुनिया के अंदर जो अशांति है आतंकवाद है एक दूसरे के प्रति जो नफरत की भावना है उसे समाप्त करने का एक ही रास्ता है जो मोहब्बत है लेकिन कुछ लोग आज ऐसे भी हैं जो गांधी जी को और इस विचारधारा को नकारने का काम करने में लगे हैं ।आज जिस दौर से भारत गुजर रहा है वो हम सब के लिए चिंता का विषय है लोगों को आपस मे लड़वाने की कोशिश हो रही है राजनीतिक लाभ के लिए लोगो को धर्म सम्प्रदाय के आधार पर बांटने की कोशिश हो रही है महात्मा गांधी हों लालबहादुर शास्त्री हों मौलाना आजाद हों सरदार पटेल हों ऐसे सभी विभूतियों ने अपना सारा जीवन एकता बनाने में देश में भाईचारगी कायम करने में लगा दिया वहीं भाजपा आर एस एस के लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक उन्माद का शॉर्टकट रास्ता अपना लिया है । वो शायद भारत की बनावट को भूल जाते है कि दुनिया के अंदर जितने धर्म और भाषा को माननेवाले हैं भारत में निवास करते हैं हज़ारों जबानें बोली जाती हैं जो देश से प्रेम करते हैं । हमारा संविधान बड़ी कोशिशों के बाद बना है बाबा साहब के बनाये इस संविधान के ऊपर भी प्रहार किए जा रहे हैं , धर्मनिरपेक्षता ही एकमात्र रास्ता है जिसपर चलकर हम एकता भाईचारगी कायम रख सकते हैं । गोडसे के विचारधारा के माननेवालों ने गांधी जी की हत्या के बाद ये सोच लिया था कि गांधी जी नहीं रहे तो उनकी विचारधारा भी खत्म हो जाएगी ये उनकी भूल थी व्यक्ति मर सकता है विचारधारा नहीं हाल ही में प्रधानमंत्री जी के विदेशयात्रा के दौरान भी लोगों ने उन्हें गांधी जी और उनके विचारधारा की याद दिलवाई । इसलिए हमसभी को इस विचारधारा को समाप्त करने की जो साजिश हो रही है उसे बेनकाब करने की जरूरत है ।

प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारधारा के प्रासंगिक होने की बात कहते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा की ताकत का एहसास समग्र विश्व को करवाया था उनके दिखाये शांति अहिंसा सदभाव स्वच्छता के रास्ते पर चलने की जरूरत है आयोजन की सार्थकता तभी सिद्ध होगी रस्मअदायगी से कोई लाभ नहीं मिलने वाला ।

विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता प्रो कमल बोस ने कहा कि हम आज आज़ादी की हीरक जयंती मनाने को बैठें है असंख्य कुर्बानियों के बाद आज़ादी मिली है इन कुर्बानियों के हरिक जयंती मनाने को हमसभी आज यहां बैठें है आज हम देश के नौजवानों वैज्ञानिकों के नए विचारों नए संकल्पनाओं का महोत्सव मनाने को बैठे है हमे बहुत दूर तक जाना है । गांधी और गांधीवाद कल भी प्रासंगिक थे आज भी हैं और कल भी रहेंगे ।

झारखण्ड सरकार के वित्तमंत्री डॉ रामेश्वर उराँव ने अपने सारगर्भित संबोधन में गांधी जी के बताए मार्ग पर चलने की बात कही उन्होंने कहा कि समावेशी विकास की बात तो सभी करते हैं पर गांधी जी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना इसका जीता जागता प्रमाण है ।
राज्यसभा सांसद धीरज साहू ने विचारगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए जिसप्रकार से समाज और देश को बांटने का प्रयास हो रहा है ऐसे में ऐसे विचारगोष्ठियों का आयोजन आवश्यक हो गया है ऐसे आयोजनों के जरिये ही हम आनेवाले पीढ़ियों को अपने अतीत का ज्ञान दे सकते हैं जिसका लाभ देश और समाज को मिलेगा । गांधी दर्शन की प्रासंगिकता आज और ज्यादा बढ़ गई है ।
इस अवसर पर मुन्ना साही, आनंदी बह्म, प्रदीप तुलस्यान, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा परवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, राकेश सिन्हा, डॉक्टर तौसीफ, डॉ राकेश किरण, आभा सिन्हा सतीश पोल मुंजनी, ईश्वर आनन्द, शमशेर आलम, रविंद्र सिंह, अमूल नीरज खलखो, जयशंकर पाठक, कुमार राजा, गजेंद्र सिंह जय प्रकाश गुप्ता, केशव महतो कमलेश, अशोक चौधरी जगदीश साहू, सलीम ख़ान, शकील अहमद अंसारी, केदार पासवान, महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष संजय पांडे, ग्रामीण अध्यक्ष सुरेश बैठा, सुरेंद्र सिंह, दिनेश सिन्हा, रेशमी पिंगुवा, प्रेम कुमार, अख्तर अली, मदन मोहन शर्मा, अभिलाष साहू, अमरेंद्र सिंह, गुंजन सिंह, पप्पू अजहर, बबलू शुक्ला, सुंदरी तिर्की, जितेंद्र त्रिवेदी, उमर खान, मुन्ना रिजवी, राजन वर्मा आदि प्रमुख कांग्रेसजन उपस्थित थे।

THE REAL KHABAR