जमशेदपुर में हुए एक बड़े और सनसनीखेज अपहरण कांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। शहर के जाने-माने और प्रतिष्ठित युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण की खबर सामने आते ही न सिर्फ आम लोगों में बल्कि उद्योग जगत में भी भय और बेचैनी का माहौल बन गया है। इस घटना ने एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
जानकारी के मुताबिक, कैरव गांधी के अचानक लापता होने के बाद परिजनों और करीबी लोगों में चिंता बढ़ गई। मामला सामने आते ही पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू की गई। शुरुआती छानबीन में यह संकेत मिले हैं कि इस वारदात के पीछे देश के सबसे कुख्यात अपहरणकर्ताओं में शुमार चंदन सोनार का हाथ हो सकता है। यदि यह आशंका सही साबित होती है, तो यह मामला और भी गंभीर रूप ले सकता है।
इस अपहरण कांड के बाद शहर के कारोबारी वर्ग में दहशत का माहौल है। उद्यमियों और व्यापारियों का कहना है कि यदि दिनदहाड़े इस तरह की घटनाएं होने लगें, तो व्यवसायिक गतिविधियों पर इसका गहरा असर पड़ेगा। लोग अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से अपहृत युवक का पता लगाने की कोशिश तेज कर दी गई है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जाएगा।
फिलहाल, कैरव गांधी के अपहरण की यह घटना जमशेदपुर के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई है। पूरे शहर की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि युवा उद्यमी सकुशल वापस लौटें और अपराधियों को जल्द से जल्द सजा मिले।