रेबल स्टार प्रभास की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द राजा साब’ आखिरकार आज 9 जनवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई है। फिल्म के रिलीज़ होते ही खासतौर पर तेलुगू राज्यों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। सिनेमाघरों के बाहर फैंस की भारी भीड़, ढोल-नगाड़े, पोस्टर कटआउट पर दूध चढ़ाना और जयकारों के साथ प्रभास का स्वागत—सब कुछ एक बड़े स्टार की रिलीज़ का गवाह बन रहा है। वहीं दूसरी ओर, हिंदी बेल्ट में फिल्म की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी मानी जा रही है, हालांकि ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि वीकेंड और वर्ड ऑफ माउथ के साथ रफ्तार पकड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है। तेलुगू दर्शकों में प्रभास का जादू बरकरार तेलुगू दर्शकों के बीच प्रभास की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है।
‘बाहुबली’, ‘साहो’, ‘राधे श्याम’ और ‘सालार’ जैसी फिल्मों के बाद ‘द राजा साब’ को लेकर भी जबरदस्त क्रेज देखने को मिला।
सुबह के फर्स्ट शो हाउसफुल. कई शहरों में अतिरिक्त शो जोड़े गए सिनेमाघरों के बाहर फैंस का उत्सव जैसा माहौल तेलुगू राज्यों में यह साफ दिख रहा है कि प्रभास के नाम पर दर्शक आज भी बिना किसी हिचक के टिकट खरीदने को तैयार हैं। फिल्म की कहानी और अंदाज़ ने खींचा ध्यान ‘द राजा साब’ को एक अलग अंदाज़ और नई शैली में पेश किया गया है। यह फिल्म प्रभास की उन फिल्मों से अलग मानी जा रही है, जिनमें अब तक भारी-भरकम एक्शन और विशाल कैनवास देखने को मिला। इस बार दर्शकों को अलग तरह का किरदार नई प्रस्तुति मनोरंजन और कहानी का संतुलन देखने को मिल रहा है, जिसने फैंस की जिज्ञासा और बढ़ा दी है।हालांकि दक्षिण भारत में फिल्म की शुरुआत धमाकेदार रही, लेकिन हिंदी बाजार में ओपनिंग थोड़ी धीमी बताई जा रही है। इसके पीछे कई कारण माने जा रहे हैं उत्तर भारत में अन्य फिल्मों से मुकाबला प्रमोशन का असर अपेक्षा से कम दर्शकों का वीकेंड का इंतजार हालांकि, ट्रेड पंडितों का मानना है कि शनिवार-रविवार को कलेक्शन में उछाल देखने को मिल सकता है, खासकर अगर दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया आती है। फैंस की पहली प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर प्रभास के फैंस फिल्म को लेकर लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं कोई प्रभास की स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ कर रहा हैतो कोई फिल्म के नए अवतार को सराह रहा है कई फैंस इसे “प्रभास का फ्रेश और अलग अंदाज़” बता रहे हैं
हालांकि, कुछ दर्शक कहानी और गति को लेकर अपनी राय भी रख रहे हैं, जिससे साफ है कि फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।
अब सबकी निगाहें वीकेंड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन. हिंदी दर्शकों की प्रतिक्रिया वर्ड ऑफ माउथ के असर पर टिकी हैं। अगर फिल्म तेलुगू बेल्ट की तरह अन्य बाजारों में भी पकड़ बना लेती है, तो ‘द राजा साब’ प्रभास के करियर में एक और मजबूत अध्याय जोड़ सकती है। कुल मिलाकर, ‘द राजा साब’ की रिलीज़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रभास का स्टारडम अभी भी पूरी तरह जिंदा है । तेलुगू दर्शकों का अपार प्रेम फिल्म को मजबूत शुरुआत दिला चुका है, जबकि हिंदी मार्केट में फिल्म को अपनी असली परीक्षा अभी देनी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या ‘द राजा साब’ आने वाले दिनों में पूरे देश में राज करने में सफल होती है , या फिर यह सफलता कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित रह जाती है।