झारखंड में ठंड ने एक बार फिर अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सुबह के समय घना कोहरा, धुंध और सर्द हवाओं ने पूरे राज्य में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लोगों को अलसुबह घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं सड़कों पर दृश्यता कम होने से यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, राज्य के कई इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है और ठंड का असर दिनभर महसूस किया जा रहा है। खासतौर पर ग्रामीण और खुले इलाकों में कंपकंपाती सर्दी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
राज्य में सबसे अधिक ठंड खूंटी जिले में दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर मात्र 1.4 डिग्री सेल्सियस रह गया। इतनी कम तापमान के चलते लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं। वहीं, डालटनगंज में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अन्य जिलों की बात करें तो बोकारो थर्मल में तापमान 6.1 डिग्री, चाईबासा में 6.6 डिग्री और जमशेदपुर में 8.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रांची में भी ठंड का असर साफ नजर आया, जहां न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड से राहत के कोई खास संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की जा रही है कि वे ठंड से बचाव के लिए जरूरी उपाय करें और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें।
कुल मिलाकर, झारखंड में सर्दी का प्रकोप फिलहाल जारी है और आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की आशंका ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।