नौ दिनों से लापता अंश–अंशिका का सुराग नहीं, धुर्वा में जनाक्रोश फूटा: पूरा इलाका बंद, सड़क पर उतरे लोग

पिछले नौ दिनों से लापता अंश और अंशिका का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से धुर्वा इलाके में गुस्सा और बेचैनी चरम पर पहुंच गई है। इसी आक्रोश के तहत आज रविवार को पूरे धुर्वा क्षेत्र में बंद का आह्वान किया गया, जिसका व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग न्याय और बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए।

मौसीबाड़ी के पास सड़क जाम, टायर जलाकर जताया विरोध

ग्रामीणों ने विरोध के प्रतीक के रूप में मौसीबाड़ी के पास टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक दोनों मासूम बच्चों का कोई ठोस सुराग नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सड़क जाम के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। इसी दौरान मौसीबाड़ी के पास बंद समर्थक एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है, जिससे प्रदर्शनकारियों में और आक्रोश देखने को मिला।

मशाल जुलूस से लेकर बंद तक, लगातार बढ़ रहा आंदोलन

बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम, बंद की पूर्व संध्या पर मौसीबाड़ी से बिरसा चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया था। इस जुलूस में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए। हाथों में जलती मशालें और आंखों में गुस्सा लिए लोगों ने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर नौ दिन बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चों का कोई पता क्यों नहीं चल पाया।

मशाल जुलूस के दौरान भी लोगों ने एक सुर में मांग की कि अंश और अंशिका को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

पुलिस पर दबाव, हर संभव प्रयास का दावा

ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई अब तक संतोषजनक नहीं रही है। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच लगातार जारी है और बच्चों की खोज के लिए सभी संभावित प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास के इलाकों में छापेमारी, सीसीटीवी फुटेज की जांच और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
इलाके में तनाव बरकरार

फिलहाल धुर्वा इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही दोनों बच्चों का कोई सुराग मिलेगा। वहीं, प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है जनाक्रोश को शांत रखते हुए बच्चों को सुरक्षित वापस लाना। अंश और अंशिका की तलाश अब सिर्फ एक पुलिस जांच नहीं, बल्कि पूरे इलाके की सामूहिक चिंता और संघर्ष का मुद्दा बन चुकी है।