रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर एक सरकारी क्लर्क के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए एयरपोर्ट थाना की पुलिस भारी संख्या में ED कार्यालय पहुंची और मौके पर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पूरे घटनाक्रम ने कानून-व्यवस्था और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्लर्क संतोष कुमार ने लगाए संगीन आरोप
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कार्यरत क्लर्क संतोष कुमार ने ED अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान बर्बरता का आरोप लगाया है। संतोष के अनुसार, उसे पूछताछ के बहाने ED कार्यालय बुलाया गया, जहां उस पर मानसिक और शारीरिक दबाव बनाया गया। संतोष का कहना है कि उससे जबरन अपराध कबूल कराने की कोशिश की गई और इनकार करने पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
पूछताछ के नाम पर दबाव और हिंसा का आरोप
एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक, 12 जनवरी को संतोष कुमार को फोन कर तय समय पर ED कार्यालय बुलाया गया था। वहां पहुंचने के बाद पूछताछ के दौरान उस पर ऐसे अपराध स्वीकार करने का दबाव बनाया गया, जिनसे उसका कोई लेना-देना नहीं था। संतोष का आरोप है कि जब उसने किसी भी तरह का जुर्म कबूल करने से इनकार किया, तो स्थिति और बिगड़ गई।
डंडे से पिटाई, सिर फोड़ने का दावा
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ED के अधिकारी प्रतीक और शुभम ने डंडे से उसकी पिटाई की, जिससे उसका सिर फट गया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि वह मौके पर ही लहूलुहान हो गया। संतोष ने यह भी आरोप लगाया कि उसे जान से मारने की धमकी दी गई और कहा गया कि अगर उसने अपराध स्वीकार नहीं किया, तो उसके परिवार के सदस्यों को भी जेल भेज दिया जाएगा।
सदर अस्पताल में इलाज, सिर में लगे छह टांके
मारपीट के बाद संतोष कुमार की हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसके सिर में छह टांके लगाए। संतोष का कहना है कि इलाज के बाद भी, उसकी इच्छा के विरुद्ध उसे दोबारा ED कार्यालय ले जाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से और अधिक भयभीत हो गया।
पुलिस जांच शुरू, कई सवाल खड़े
मामले की शिकायत एयरपोर्ट थाना में दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस टीम ED कार्यालय पहुंचकर सबूत जुटाने और घटनाक्रम की जांच में लगी हुई है। इस पूरे मामले ने जांच एजेंसियों की कार्यशैली, पूछताछ के तरीकों और मानवाधिकारों को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे सच सामने आ सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो।