गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए अपने पोस्ट में निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
निशिकांत दुबे ने दावा किया कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ कदम उठाए थे, उसी तर्ज पर अब झारखंड सरकार ने भी रांची स्थित ED कार्यालय को पुलिस के जरिए घेर लिया है। उन्होंने इसे कानून के राज पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि राज्य सरकार जांच एजेंसियों के काम में हस्तक्षेप करना चाहती है।
भाजपा सांसद ने आगे आरोप लगाया कि रांची स्थित ED कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामलों से संबंधित बेहद अहम दस्तावेज और सबूत मौजूद हैं। उनके अनुसार, इन्हीं मामलों की गंभीरता को देखते हुए सरकार जांच प्रक्रिया से ध्यान भटकाने और दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है।
निशिकांत दुबे ने यह भी कहा कि केंद्रीय एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए संवैधानिक रूप से अधिकृत हैं और उनके कार्यों में इस तरह का दखल लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को अपनी ईमानदारी पर भरोसा है, तो फिर जांच एजेंसियों को अपना काम करने से क्यों रोका जा रहा है?
इस पूरे घटनाक्रम के बाद झारखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा जहां इसे भ्रष्टाचार छिपाने की कोशिश बता रही है, वहीं सत्तारूढ़ झामुमो और राज्य सरकार की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि ED और राज्य सरकार के बीच टकराव की यह स्थिति राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर अहम साबित हो सकती है।