उद्योगपति के बेटे कैरव गांधी के अपहरण कांड से जुड़े अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में बीती देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ उस वक्त हुई, जब पुलिस अपहरण कांड में शामिल बदमाशों की तलाश में दबिश दे रही थी।
मुठभेड़ के दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे बाल-बाल बच गए। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा टल गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा करते हुए फायरिंग की, जिसमें तीन अपराधियों के पैरों में गोली लगी।
घायल अपराधियों को मौके पर ही काबू में लेकर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। डॉक्टरों के अनुसार तीनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधी भी आसपास के इलाकों में छिपे हो सकते हैं। उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है और लगातार छापेमारी की जा रही है।
गौरतलब है कि कैरव गांधी अपहरण कांड ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। घटना के बाद से ही पुलिस पर अपराधियों को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव था। बीती रात हुई इस मुठभेड़ को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान अपराधियों से अपहरण की साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों और नेटवर्क के बारे में अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे अपहरण कांड का खुलासा कर दिया जाएगा और सभी दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।