पलामू जिले में पुलिस विभाग की छवि को झटका देने वाला मामला सामने आया है। शराब के नशे में धुत होकर सरकारी पिस्टल गुम करने के गंभीर आरोप में पलामू पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने कड़ा कदम उठाया है। एसपी ने टाईगर मोबाइल में तैनात जवान बैजनाथ प्रसाद यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सरकारी हथियार जैसी संवेदनशील चीज के गुम होने को बेहद गंभीर मानते हुए एसपी ने बिना देरी किए कार्रवाई का आदेश दिया। निलंबन के साथ ही मामले की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और कहीं इसमें और लोग तो शामिल नहीं थे।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने साफ शब्दों में कहा कि यह किसी प्रशासनिक विफलता का मामला नहीं है, बल्कि एक जवान की व्यक्तिगत लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल से जुड़े कर्मियों से अनुशासन और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है, खासकर जब बात सरकारी हथियारों की हो। ऐसी लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हों। इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर पुलिस प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति है।
फिलहाल, गुम हुई सरकारी पिस्टल की तलाश जारी है और पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ड्यूटी के दौरान अनुशासन और जिम्मेदारी कितनी जरूरी है, खासकर तब जब जनता की सुरक्षा से जुड़े संसाधन दांव पर हों।