चीन का जिक्र कर जो बाइडेन ने कहा- अमेरिका नया कोल्ड वॉर नहीं चाहता

चीन का जिक्र कर जो बाइडेन ने कहा- अमेरिका नया कोल्ड वॉर नहीं चाहता

चीन से तनातनी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हम एक नया शीत युद्ध (Cold War) नहीं चाहते हैं, जहां पर दुनिया का बंटवारा हो जाए। अमेरिकी उन सभी देशों के साथ काम करने को तैयार है, जो शांति के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं, क्योंकि हम सभी अपनी असफलताओं के परिणाम भुगत चुके हैं।

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 76वें सत्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने आगे कहा है कि अमेरिका अब वही देश नहीं है, जिस पर 20 साल पहले 9/11 को हमला हुआ था। उन्होंने कहा कि आज हम पहले से और बेहतर और मजबूत हुए हैं।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग अमेरिका के खिलाफ आतंक का सहारा लेंगे वे हमारे सबसे बड़े दुश्मन होंगे। आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ हर कदम पर साथ खड़ा रहेगा।

अफगानिस्तान पर भी बोले

बाइडेन ने अफगानिस्तान से सेना की वापसी और वहां के हालात को लेकर भी अपनी बात रखी। बाइडेन ने कहा- हम आतंकवाद के कड़वे दंश को जानते हैं। पिछले महीने काबुल हवाई अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले में हमने अपने 13 सैनिकों और कई अफगान नागरिकों को खो दिया। सैन्य शक्ति हमारी अंतिम उपाय का साधन होना चाहिए, न कि पहली।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि आज हम आतंकवाद जैसी बड़ी चुनौतियों का मुकाबला कर रहे हैं। हमने अफगानिस्तान में 20 वर्षों का संघर्ष खत्म किया और युद्ध खत्म करने के बाद हमने कूटनीति के दरवाजे खोल रहे हैं। हमारी सुरक्षा, समृद्धि, स्वतंत्रता आपस में जुड़ी हुई है और हमें पहले की तरह दुनिया की सभी चुनौतियों के खिलाफ एक साथ मिलकर काम करना चाहिए।

हथियारों की होड़ पर भी चेताया

बाइडेन ने हथियारों की होड़ पर भी दुनिया को आगाह किया। उनका इशारा उत्तर कोरिया और ईरान की ओर था। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार पाने से रोकने को लेकर प्रतिबद्ध है। बाइडेन ने कहा कि हम कोरियाई प्रायद्वीप में भी कूटनीति के रास्ते शांति चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि हथियारों से कोरोना जैसी महामारी या उसके भविष्य के वैरिएंट्स से बचाव नहीं किया जा सकता है, बल्कि यह विज्ञान और राजनीति की सामूहिक इच्छाशक्ति से ही संभव है।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि हमने स्वास्थ्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, उभरती प्रौद्योगिकियों की चुनौतियों का सामना करने के लिए क्वाड साझेदारी को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी राष्ट्र के साथ काम करने के लिए तैयार है जो शांतिपूर्ण प्रस्तावों का अनुसरण करता है।

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