छात्रवृत्ति की लंबित राशि के भुगतान में हो रही देरी के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने सोमवार को पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराज़गी खुलकर जाहिर की।
सुबह से ही छात्र अम्बेडकर छात्रावास में एकत्रित हुए, जहां से उन्होंने पैदल मार्च की शुरुआत की। नारेबाजी करते हुए छात्रों का काफिला शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ समाहरणालय परिसर पहुंचा। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए छात्रों ने छात्रवृत्ति में हो रही देरी को शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला बताया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि छात्रवृत्ति गरीब, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा जारी रखने का एकमात्र सहारा है, लेकिन समय पर भुगतान न होने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि छात्रवृत्ति नहीं मिलने से उनकी पढ़ाई, हॉस्टल फीस, किताबें और दैनिक खर्च तक प्रभावित हो रहे हैं।
आइसा नेताओं ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार ज्ञापन और मांगों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द छात्रवृत्ति की राशि छात्रों के खातों में नहीं भेजी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
समाहरणालय के बाहर काफी देर तक नारेबाजी और प्रदर्शन चलता रहा, जिससे प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
इस प्रदर्शन के जरिए छात्रों ने साफ संदेश दिया कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अपने अधिकारों के लिए वे सड़क से लेकर प्रशासनिक दफ्तर तक संघर्ष जारी रखेंगे।